मैंग्रोव वन का संरक्षण 🌳
केन्द्र सरकार ने मैंग्रोव वनों के घटते आवरण को देखते हुए " मिष्टी ' योजना की घोषणा की है. इसके तहत देश में तटीय और भूमि क्षेत्रों में मैंग्रोव वनों के विकास और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. भारत में ज्यादातर तटीय क्षेत्र समुन्द्र के किनारे हैं खारे पानी में ये मिट्टी के अपरदन को रोकता हैं जो बहुत से जलीय जीव जंतुओ का घर होता हैं यूनेस्को के अनुसार, दुनिया भर में मैंग्रोव वनों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा नष्ट हो चुका है या क्षरण की कगार पर है. इसकी रोकथाम के लिए क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन व योजना प्राधिकरण (कैंपा फंड) प्रभावित हैं मैंग्रोव जैव विविधता की प्रचुरता और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के केन्द्र होते हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन, वनोन्मूलन, कृषि के प्रसार, मत्स्य पालन की अधिकता, प्रदूषण की मार और तटीय क्षेत्रों में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेपों के कारण आज ये सिकुड़ते जा रहे हैं. भारत वन स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, देश में मैंग्रोव वन कुल भू-क्षेत्र के केवल 0.15 प्रतिशत यानी 4992 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हैं. मैंग्रोव का सबसे बड़ा क्षेत्र पश्चिम बंगाल 42.45% हैं देश के ...