आम का मौसम

आम शब्द सुनने और बोलने में तो बिल्कुल आम सा लगता है लेकिन इस शब्द की मिठास का अनुभव वही लोग कर सकते हैं जिन्होंने गर्मियों में हरे, पीले रंग के आमों का ज़ायका लिया हो। यूँ तो आम सारे फलों का राजा कहा जाता है लेकिन इंसानी जीवन में इसकी शुरुआत एक बदनाम करने वाले फल के रूप में शुरू होता है।

आप अगर अपने जीवन के सबसे पहले हिस्से को याद करे जो कि बचपन होता है, तब याद आएगा आपको कि जब किसी बच्चे को गर्मी के दिनों में पिरकी(फुंसी) निकल आता था तो लोग बोलते थे कि आम चुराकर खाये हो, इस तरह बच्चा बिना कुछ किये ही आम के नाम पर चोर की उपाधि से सम्मानित कर दिया जाता था। ये प्रथा अपने पूरे ईमानदारी से आज भी चला आ रहा है।

आम की एक खास बात ये भी है कि आम में आपको जितने टेस्ट और वैरायटी मिल जाएगी शायद ही किसी फल में मिले, मैं तो आज तक नहीं देखा ऐसा फल जिसके इतने टेस्ट और वैराइटी हो आपने देखा हो तो बताएं। अगर बात विज्ञान की करे तो आम खाने से आंखों की रौशनी ठीक रहती है और रक्त की शुद्धता भी बनीं रहती हैं 


उत्तर भारत में दाल चावल हो, खिचड़ी या पुलाव अचार के बिना थाली अधूरी ही रहती है और अगर अचार आम का हो तो मानों छप्पन भोग भी फीका लगे दाल चावल अचार के आगे। आम का ये अचार होता थोड़ा खट्टा जरूर है लेकिन किसी उत्तर भारतीय को खिला कर देखिये शहद से भी ज्यादा मीठा आपका और उससे भी ज्यादा मीठा आपके भोजन की तारीफ करेगा।

ये तो बात हुआ कच्चे आम की लेकिन पक्के आम की तो क्या ही कहने। राहत इंदौरी साहब ने एक शेर कभी अपने लिए कहा था कि...

 लोग होठों पे सजाये हुए फिरते हैं मुझे ,

 मेरी शोहरत किसी अखबार की मोहताज नहीं

_____धन्यवाद 

Comments

  1. कैसा हैं
    आप लोग जरूर बताएं

    ReplyDelete

  2. न जाने कैसे होते हैं वो लोग, जो एक-दूसरे से ऊब जाते हैं,
    हम तो आम न सही उसका आचार देखते ही उसके स्वाद में डूब जाते हैं।

    ReplyDelete
  3. आम का नाम से ही ओ दिन याद आ जाता है मम्मी की हाथो से आम के बने आचार,आम के मीठे अंगूर,आम का जूस
    और बहुत कुछ आम में काफी मात्रा में विटामिन, आयरन और मिनरल्स पाए जाते हैं। आम खाने से हमें कार्बोहाइड्रेट भी मिलता है जो एनर्जी प्रदान करता है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद ... 🙏
      आम के बारे में अच्छा जानकारी दिया आपने

      Delete
  4. आम कहने को आम
    लेकिन फलों का सरताज है।
    बिना आम गर्मियों की छुट्टियां नही बीतती थी। कच्चे आम का पना,चटनी,अचार सब अपने आपमें एक अलग ही स्वाद, यादें,बचपन की शैतानियां फिर से मन मे दोहरा देता है ये सिर्फ फल ही नही हमारी यादों का हिस्सा भी है ।

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

प्लास्टिक मुक्त भारत हो पाएगा ?

Plastic Bag Free India

पर्यावरण प्रेमी